सुप्रीम कोर्ट कर रहा है भर्ती की निगरानी, हस्तक्षेप करना उचित नहीं: मुख्य न्यायाधीश
Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य में होने वाली 3,451 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनिक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप कर चयन प्रक्रिया को बाधित करना उचित नहीं होगा।
क्या है मामला?
याचिकाकर्ता पोवेल कुमार व अन्य की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने साल 2016 के बाद से अब तक झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) आयोजित नहीं की है। इसके बावजूद नई नियमावली और विज्ञापन में जेटेट (JTET) उत्तीर्ण होना अनिवार्य शर्त रखी गई है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि जब 10 साल से परीक्षा ही नहीं हुई, तो वे इसमें शामिल कैसे हो सकते हैं? उन्होंने मांग की थी कि या तो भर्ती पर रोक लगे या फिर सीटेट (CTET) पास अभ्यर्थियों को मौका मिले।
अदालत की सख्त टिप्पणी
अदालत ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद कहा कि हालांकि यह सच है कि 2016 से राज्य में जेटेट नहीं हुआ है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस पूरी स्थिति से अवगत है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया को बीच में रोकने से सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई समय-सीमा (Deadlines) प्रभावित होगी।
6 सप्ताह में मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राज्य सरकार और जेएसएससी (JSSC) को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी साफ किया कि इस भर्ती के तहत होने वाले चयन सुप्रीम कोर्ट और इस याचिका के अंतिम आदेश के प्रभावित रहेंगे।

