high court news

Court News: भगवान शिव को सुरक्षा नहीं, बल्कि हमें उनके आशीर्वाद की जरूरत; मंदिर हटाने का आदेश

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 30 May, 2024
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
delhi high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Court News: दिल्ली हाई कोर्ट ने यमुना नदी तल पर अनधिकृत तरीके से निर्मित एक मंदिर को हटाने से संबंधित याचिका में भगवान शिव को पक्षकार बनाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि भगवान शिव को किसी की सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। बल्कि हम सभी उनकी सुरक्षा में हैं और उनका आशीर्वाद चाहते हैं।

हाई कोर्ट ने कहा कि यदि यमुना नदी के तल और बाढ़ के मैदानों को सभी अतिक्रमणों और अनधिकृत निर्माण से मुक्त कर दिया जाए तो भगवान शिव अधिक प्रसन्न होंगे। अदालत ने बाढ़ क्षेत्र के करीब गीता कॉलोनी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर को ध्वस्त करने के आदेश को रद्द करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने सोसायटी को मंदिर में मूर्तियों और अन्य धार्मिक वस्तुओं को हटाने और उन्हें किसी अन्य मंदिर में स्थानांतरित करने के लिए 15 दिन का समय दिया।

See also  टेरर फंडिंग के आरोपी महेश अग्रवाल की याचिका पर दस सितंबर को होगी सुनवाई

भगवान शिव को पक्षकार बनाने की दलील

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील की आधी-अधूरी दलील कि भगवान शिव को भी वर्तमान मामले में शामिल किया जाना चाहिए, निहित स्वार्थ को पूरा करने के लिए पूरे विवाद को पूरी तरह से अलग रंग देने का एक प्रयास है। भगवान शिव को हमारी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है बल्कि, हम लोग उनकी सुरक्षा और आशीर्वाद चाहते हैं।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि मंदिर आध्यात्मिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में कार्य करता है, जहां नियमित रूप से लगभग 300 से 400 भक्त आते हैं। याचिका में दावा किया गया कि याचिकाकर्ता सोसायटी को मंदिर की संपत्ति की पारदर्शिता, जवाबदेही और जिम्मेदार प्रबंधन को बनाए रखने के उद्देश्य से 2018 में पंजीकृत किया गया था।

See also  ओडिशा के जज बीआर सारंगी होंगे झारखंड के चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने केंद्र को भेजी अनुशंसा

अदालत ने कहा कि विवादित भूमि व्यापक सार्वजनिक हित के लिए है और याचिकाकर्ता इस पर कब्जा जारी रखने और उपयोग करने के लिए किसी निहित अधिकार का दावा नहीं कर सकता है। अदालत ने मंदिर को ध्वस्त करने के आदेश को रद्द करने से इनकार किया 15 दिनों में मंदिर से मूर्तियों और अन्य धार्मिक वस्तुओं को स्थानांतरित करने का आदेश दिया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment