Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े मामलों पर बुधवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने जेएसएससी का पक्ष और प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद करीब 32 याचिकाओं का निष्पादन कर दिया। यह याचिकाएं बबली गुप्ता समेत अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल की गई थीं, जिसमें जेएसएससी द्वारा सफल घोषित नहीं किए जाने को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूर्व आदेश के अनुपालन में अभ्यर्थियों के प्राप्तांक, उनकी श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के अंक समेत अन्य विवरण मंगाए थे। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि मेरिट और प्रक्रिया के आधार पर ही चयन मान्य होगा। योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर देने के लिए आयोग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
कट-ऑफ से कम अंक वालों को नहीं राहत
अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों के अंक निर्धारित कट-ऑफ से कम हैं, उनकी याचिकाएं निरस्त मानी जाएंगी। ऐसे अभ्यर्थियों को कोई राहत नहीं दी गई।
कट-ऑफ से अधिक अंक वालों को मौका
वहीं, जिन अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें अदालत ने जेएसएससी के समक्ष आवेदन देने का निर्देश दिया है। संबंधित आयोग को ऐसे मामलों पर विचार करने को कहा गया है।
फिंगरप्रिंट व तकनीकी कारण भी बने बाधा
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कई अभ्यर्थियों का चयन तकनीकी कारणों से नहीं हो सका। कुछ मामलों में फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की वजह से अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जबकि कुछ अभ्यर्थियों का चयन पहले ही हो चुका है।