Ranchi News: रंगदारी और आपराधिक साजिश के मामले में ट्रायल फेस कर रहे आकाश कुमार सिंह और मुकेश सिंह उर्फ खली को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। यह फैसला एसडीजेएम रुपम स्मृति टोपनो की अदालत ने सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रितांशु कुमार सिंह ने बहस की। जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2023 में सूचक राणा राहुल कुमार सिंह को फोन कॉल और व्हाट्सएप के जरिए एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस संबंध में ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर लालपुर थाना प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले में आकाश कुमार सिंह और मुकेश सिंह उर्फ खली पर IPC की धारा 387 और 120B के तहत आरोप थे। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की और अदालत ने आरोप तय किए। लेकिन ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष केवल एक गवाह को ही पेश कर सका। सबसे अहम बात यह रही कि न तो स्वयं सूचक (इन्फॉर्मेंट) और न ही जांच अधिकारी को अदालत में पेश किया गया। गवाह के बयान भी केवल सुनी-सुनाई बातों पर आधारित पाए गए। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आरोपियों और कथित अपराध के बीच कोई ठोस कड़ी स्थापित नहीं हो सकी। आवश्यक साक्ष्य और प्रत्यक्ष प्रमाणों के अभाव में अभियोजन का मामला कमजोर साबित हुआ। इसी आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

