Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने अपने आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के चार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू कर दी है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने प्रधान सचिव समेत अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।मामला रंजीत बिहारी प्रसाद द्वारा दायर अवमानना याचिका (Contempt Case Civil No. 416/2024) से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि हाईकोर्ट ने 15 जनवरी 2024 को एक आदेश में राज्य सरकार को पेंशन और अन्य लाभ तय कर भुगतान करने का निर्देश दिया था, लेकिन तय समय (8 सप्ताह) के भीतर इसका पालन नहीं किया गया। मामले की अगली सुनवाई 12 जून 2026 को होगी।
राज्य सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से दलील दी गई कि इस आदेश के खिलाफ लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) दायर की गई है, इसलिए पालन नहीं हो सका। हालांकि कोर्ट ने पाया कि अपील भी काफी देरी से दाखिल की गई और उसमें भी कई तकनीकी खामियां थीं, जिन्हें समय पर दूर नहीं किया गया। अदालत ने Israr Ahmad Khan Vs. Amarnath Prasad & Ors. मामले का हवाला देते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि आदेश का पालन नहीं करने के बाद देरी से अपील दायर कर अवमानना से बचने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, खासकर जब मामला राज्य सरकार से जुड़ा हो।
किस-किस को नोटिस
कोर्ट ने सड़क निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, मुख्य अभियंता मनोहर कुमार, अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार श्रीवास्तव और कार्यपालक अभियंता विनोद कच्छप को अवमानना नोटिस जारी किया है। सभी को अगली सुनवाई पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
वेतन पर भी रोक
अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों (मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता) के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगली तिथि तक आदेश का पालन नहीं हुआ तो प्रधान सचिव का वेतन भी रोक दिया जाएगा।