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HC News: बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट सख्त, 5.25 लाख मुआवजे का आदेश बरकरार

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By CourtNews Desk On 06 Aug, 2026
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Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने चतरा में एक दुकान को बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए ढहाने के मामले में राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने कहा कि राज्य की कार्रवाई पूरी तरह मनमानी और कानून के अधिकार का दुरुपयोग थी। अदालत ने एकलपीठ द्वारा दिए गए 5.25 लाख रुपये मुआवजे के आदेश को बरकरार रखा। मामला चतरा के प्रतापपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद साहू की दुकान से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2011 में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि प्लॉट संख्या-296, खाता संख्या-36 स्थित उनकी दुकान को प्रशासन ने बिना वैधानिक अधिकार के बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। एकलपीठ ने 27 जून 2024 को राज्य सरकार को निर्माण लागत के लिए 5 लाख रुपये और मानसिक पीड़ा के लिए 25 हजार रुपये देने का आदेश दिया था। हालांकि दो वर्ष बीतने के बाद भी सरकार ने राशि का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई।

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अपील में राज्य सरकार ने दावा किया कि संबंधित भूमि वर्ष 1914 में अधिग्रहित हो चुकी थी और इस संबंध में पुराने दस्तावेज पेश करने की अनुमति मांगी। खंडपीठ ने कहा कि 13 वर्षों तक लंबित रहे मुकदमे में राज्य ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। अब अवमानना कार्यवाही शुरू होने के बाद दस्तावेज लाने का प्रयास न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अदालत ने यह भी कहा कि इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट नहीं होता कि वे उसी भूमि से संबंधित हैं, जबकि याचिकाकर्ता ने 1973 की पंजीकृत बिक्री विलेख के आधार पर भूमि खरीदी थी और सरकारी अभिलेखों में उसका नाम भी दर्ज था। अदालत ने टिप्पणी की कि यह अपील संभवतः उन अधिकारियों को बचाने के लिए दायर की गई, जिनसे भविष्य में मुआवजे की राशि की वसूली की जा सकती है। पीठ ने कहा कि दिया गया मुआवजा वास्तव में कम है, फिर भी राज्य की अपील में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने चतरा के उपायुक्त को एक सप्ताह के भीतर 5.25 लाख रुपये अदालत में जमा कराने का निर्देश दिया, ताकि याचिकाकर्ता सत्यापन के बाद राशि प्राप्त कर सके।

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