Ranchi News: झारखंड की राजधानी Ranchi में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर गुरुवार को Jharkhand High Court में सुनवाई हुई। यह सुनवाई चीफ जस्टिस M.S. Sonak और जस्टिस Rajesh Shankar की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा गया। सरकार ने अदालत को बताया कि उपायुक्त स्तर से जवाब तैयार नहीं हो सका है, क्योंकि कई अहम दस्तावेज अभी संकलित किए जा रहे हैं। कोर्ट को अवगत कराया गया कि Dhurwa Dam, Kanke Dam और Getalsud Dam समेत उनसे जुड़े जलाशयों की जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण के मामलों में दस्तावेजी तैयारी चल रही है। ऐसे में विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय जरूरी है।
सुनवाई के दौरान Anti Corruption Bureau (ACB) की ओर से धुर्वा डैम परियोजना की जमीन पर अतिक्रमण से जुड़ी जांच की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। एसीबी ने अदालत को बताया कि 7 जनवरी के आदेश के बाद Nagri Police Station में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने रांची के उपायुक्त को निर्देश दिया था कि वे एक विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करें। इसमें तीनों डैम परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन का सटीक विवरण, नक्शा, अतिक्रमण की स्थिति और उसे हटाने के लिए उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी देने को कहा गया था। मामले की अगली सुनवाई अब सरकार के जवाब दाखिल करने के बाद होगी, जिससे यह तय होगा कि अतिक्रमण हटाने और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

