Ranchi News : पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सचिव संजीव कुमार लाल से जुड़े टेंडर आवंटन में कमीशन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी ने 17 मार्च को रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में पांचवीं पूरक चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 14 नए इंजीनियरों को आरोपी बनाया गया है।
चार्जशीट में जिन अभियंताओं को नामजद किया गया है, उनमें सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सिंगराई टुटी, राजीव लोचन, सुरेंद्र कुमार और प्रमोद कुमार के अलावा कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार, अजय कुमार, अजय तिर्की, राज कुमार टोप्पो, अशोक कुमार गुप्ता, सिद्धांत कुमार और अनिल कुमार (सेवानिवृत्त) शामिल हैं। वहीं सहायक अभियंता राम पुकार राम और रमेश ओझा (दोनों सेवानिवृत्त) तथा पूर्व अधीक्षण अभियंता/मुख्य अभियंता उमेश कुमार (सेवानिवृत्त) को भी आरोपी बनाया गया है।
कमीशन वसूली का संगठित नेटवर्क
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि ये अभियंता टेंडर आवंटन प्रक्रिया में अवैध तरीके से कमीशन वसूलने में शामिल थे। जांच एजेंसी के अनुसार, कमीशन की राशि न केवल वसूली जाती थी, बल्कि उसे व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा कर संबंधित अधिकारियों और वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाया जाता था।
कई विभागों से जुड़े रहे अभियंता
आरोपित सभी इंजीनियर झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विशेष क्षेत्र तथा झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से जुड़े रहे हैं।
इस पांचवीं पूरक चार्जशीट के साथ ही पूरे मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

