Ranchi News: रांची की विशेष मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) की अदालत ने आठ साल पुराने एक दर्दनाक सड़क हादसे में बड़ा फैसला सुनाया है। अपर न्यायिक आयुक्त मनोज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने दुर्घटना में मारे गए दो नाबालिग छात्रों के परिजनों को अलग-अलग ₹7,73,000 (कुल ₹15,46,000) मुआवजा देने का आदेश जारी किया है। यह पूरी राशि टाटा नैनो कार के पंजीकृत मालिक धीरेंद्र प्रसाद सिंह (निवासी गुमला) को चुकानी होगी। मामला 18 जून 2018 का है। कांके थाना क्षेत्र के अंतर्गत नागरी-पिठोरिया मार्ग पर विपरीत दिशा से बेहद तेज और लापरवाही से आ रही एक टाटा नैनो कार (JH-01BB-0182) ने सड़क पर जा रहे लोगों को सीधी टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 16 वर्षीय छात्र अंकित भगत और 17 वर्षीय राज टोप्पो की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
मृत अंकित एक होनहार फुटबॉल खिलाड़ी था और राज बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। अदालत की सुनवाई में यह बात सामने आई कि दुर्घटना के वक्त उक्त कार का कोई वैध इंश्योरेंस (बीमा) नहीं था। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कानूनन बिना बीमे के वाहन से हुए हादसे की पूरी जवाबदेही उसके पंजीकृत मालिक की होती है। कोर्ट ने दोनों मृतकों की काल्पनिक सालाना आय ₹50,000 तय करते हुए उस पर 40% फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट और माता-पिता के लिए कंसोर्टियम राशि को जोड़कर मुआवजा निर्धारित किया। कार मालिक को आदेश की तिथि से 3 महीने के भीतर 7% सालाना ब्याज के साथ यह राशि मृत छात्रों के माता-पिता को सौंपनी होगी।