Ranchi News: विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के सक्रिय सदस्य नीलांबर गोप उर्फ देलगा की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है । अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया (prima facie) सत्य प्रतीत होते हैं, जिसके कारण यूए(पी) एक्ट की धारा 43D(5) के तहत वह जमानत का हकदार नहीं है । एनआईए के अनुसार, नीलांबर गोप पीएलएफआई के सर्वोच्च कमांडर दिनेश गोप का करीबी सहयोगी है और ‘जांगी ऐप’ के जरिए उसके संपर्क में था ।
वह कोयला व्यापारियों, रेलवे ठेकेदारों और व्यवसायियों के मोबाइल नंबर उग्रवादियों को रंगदारी वसूलने के लिए उपलब्ध कराता था । इसके अतिरिक्त, उसने रंगदारी से वसूले गए करीब 6 लाख रुपये सुरक्षित गवाह ‘W’ के खातों में और 9 लाख रुपये अन्य खातों में कस्टमर सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ट्रांसफर किए थे । अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया ।

