Ranchi News: Civil Court Ranchi के अतिरिक्त न्यायायुक्त-13 सह देबाशीष मोहापात्रा की अदालत ने एक कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बीबीए की छात्रा स्वाति कुमारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के नामजद आरोपी छात्र आशीष राज की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला जगन्नाथपुर थाना कांड संख्या XX/2025 से जुड़ा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
यह दुखद मामला बीबीए (BBA) द्वितीय वर्ष की छात्रा स्वाति कुमारी की आत्महत्या से जुड़ा है। स्वाति रांची में एक किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। दुर्गापूजा की छुट्टियों के बाद वह 3 अक्टूबर 2025 को वापस रांची लौटी और इसके अगले ही दिन यानी 4 अक्टूबर की रात उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। मृतका के पिता विश्वभर पांडेय ने जगन्नाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपी आशीष राज उनकी बेटी को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।
कोर्ट में बचाव पक्ष की दलीलें और सीडीआर का खुलासा
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आशीष एक छात्र है और उसे केवल भावनात्मक आरोपों के आधार पर फंसाया जा रहा है। घटना के समय वह झारखंड में नहीं बल्कि बिहार स्थित अपने घर पर था और मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। हालाँकि, अदालत ने पुलिस की केस डायरी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का गहन अवलोकन करने के बाद पाया कि मृतका और आरोपी के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था। विशेषकर 2 से 4 अक्टूबर के बीच दोनों के बीच अत्यधिक संख्या में एसएमएस (SMS) का आदान-प्रदान हुआ था।
अदालत का रुख
अदालत ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों को देखते हुए मामले को अत्यंत गंभीर माना। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ (Custodial Interrogation) की आवश्यकता पड़ सकती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आशीष राज को अग्रिम जमानत देने से साफ इनकार कर दिया।