Ranchi News: रांची स्थित सीबीआई सह पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश सह एजेसी-1 की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए डॉ. प्रदीप कुमार के नजदीकी सहयोगी आरोपी श्यामल चक्रवर्ती को सशर्त विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है। अदालत ने उनके पासपोर्ट को अस्थाई रूप से रिलीज करने का आदेश जारी किया है, ताकि वह इसका नवीनीकरण (रिन्यूअल) करा सकें और यूनाइटेड किंगडम (UK) का वीजा हासिल कर सकें। श्यामल चक्रवर्ती ने अपनी बेटी राइका चक्रवर्ती के साथ लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) के समर स्कूल प्रोग्राम में जाने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी। अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें 7 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति दी है।
शर्तों के साथ मिली राहत
ईडी के विशेष लोक अभियोजक (PP) ने अपराध की गंभीरता और आरोपी के फरार होने के जोखिम का हवाला देते हुए इस आवेदन का विरोध किया था। हालांकि, अदालत ने आरोपी के पूर्व के रिकॉर्ड और यात्रा के प्रामाणिक शैक्षणिक उद्देश्य को देखते हुए याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने राहत देने के साथ ही कई कड़ी शर्तें भी लगाई हैं:
- प्रॉपर्टी के मूल कागजात जमा करने होंगे: पासपोर्ट हासिल करने से पहले आवेदक को भारत में स्थित अपनी किसी अचल संपत्ति का मूल डीड (Title Deed) अदालत में जमा करना होगा।
- यात्रा का पूरा ब्यौरा: विदेश रवाना होने से पहले उन्हें एक हलफनामा देना होगा, जिसमें यूके में ठहरने का पता, चालू अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप और ईमेल की जानकारी शामिल होगी।
- समय पर वापसी और सरेंडर: श्यामल चक्रवर्ती को तय समय के भीतर भारत लौटना होगा और स्वदेश वापसी के सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट दोबारा अदालत में सरेंडर करना होगा।
इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की अनुपस्थिति के कारण मुकदमे (ट्रायल) की सुनवाई में कोई देरी या स्थगन (Adjournment) नहीं होना चाहिए और इस दौरान उनके वकील कोर्ट में प्रतिनिधित्व करेंगे।