Ranchi News: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए सिमडेगा होमगार्ड कार्यालय के मुंशी राजू कुमार साहू के खिलाफ अपनी जांच पूरी कर ली है। शनिवार को एसीबी की ओर से रांची स्थित विशेष एसीबी अदालत में आरोपी मुंशी के खिलाफ पुख्ता सबूतों के साथ चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी गई। अदालत इस मामले पर अब आगामी 20 जुलाई को सुनवाई करेगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सिमडेगा जिले के होमगार्ड कार्यालय का है। दरअसल, होमगार्ड के जवानों को अलग-अलग क्षेत्रों और विभागों में ड्यूटी पर तैनात करने की जिम्मेदारी कार्यालय के मुंशी राजू कुमार साहू के पास थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने होमगार्ड जवान श्रवण गोप से उसकी ड्यूटी लगाने के एवज में 7,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। जवान श्रवण गोप घूस की रकम नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने सीधे रांची स्थित एसीबी कार्यालय से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से मामले का भौतिक सत्यापन (Verification) कराया। सत्यापन के दौरान मुंशी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
21 मई को बुना गया था जाल
आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसीबी की स्पेशल ट्रैप टीम ने 21 मई 2026 को सिमडेगा में जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता जवान श्रवण गोप ने मुंशी राजू कुमार साहू को घूस की रकम (7,000 रुपये) दी, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने मुंशी को रंगे हाथ (Red-Handed) दबोच लिया।
पॉकेट से बरामद हुए थे ₹21,000 गिरफ्तारी के बाद जब एसीबी की टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी मुंशी की तलाशी ली, तो उंगलियों के रासायनिक परीक्षण (फिनोलफ्थलीन टेस्ट) में घूस लेने की पुष्टि हुई। इसके अलावा, तलाशी के दौरान मुंशी के पास से रिश्वत के 7,000 रुपये समेत कुल 21,000 रुपये की नकद राशि बरामद की गई थी। बरामद अतिरिक्त रकम के बारे में मुंशी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिससे यह अंदेशा गहरा गया कि वह अन्य जवानों से भी ड्यूटी के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था।

