- अस्पताल में डायरेक्टर बनाने और पैथोलॉजी में 25% शेयर देने का झांसा देकर वसूले पैसे, न एग्रीमेंट किया न दिया हिसाब
- पैसे वापस मांगने पर टेबल पर बंदूक रखकर दी जान से मारने की धमकी, धक्का-मुक्की और मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप
Ranchi News: राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में मेडिकल क्षेत्र (अस्पताल एवं पैथोलॉजी) में निवेश और पार्टनरशिप के नाम पर ₹72,65,000 (72.65 लाख रुपये) की भारी धोखाधड़ी और ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता प्रीति कुमारी (निवासी- गीतांजलि इन्क्लेव, कुसुम विहार, मोरहाबादी) की लिखित शिकायत पर चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में दो डॉक्टरों सहित चार नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
इन चार आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला:
- मिस्टर पीयूष कुमार
- डॉ. डियोनिस एक्सस
- डॉ. नेहा अनुपमा शीतल
- मिस्टर रंजन डिक्रूज (पति- डॉ. नेहा अनुपमा शीतल)इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस:
अस्पताल में हिस्सेदारी और डायरेक्टर बनाने का दिया झांसा
शिकायत के अनुसार, पीड़िता के पति डॉ. नवीन कुमार का मेडिकल प्रोफेशन के कारण डॉ. डियोनिस एक्सस से परिचय था। इसी दौरान सिरमटोली स्थित ‘डिवाइन पैथोलॉजी’ (Divine Pathology) में एक बैठक हुई, जिसमें आरोपियों ने बताया कि वे एक नया अस्पताल ‘डिवाइन सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ (Divine Superspeciality Hospital Pvt. Ltd.) खोल रहे हैं और कंपनियों में नए निदेशक व पार्टनर की तलाश है।
आरोपियों के झांसे में आकर पीड़िता ने 5 जनवरी 2022 से प्रभावी पत्रों के आधार पर निवेश का फैसला किया:
- अस्पताल में निवेश: अस्पताल में 5% शेयरहोल्डिंग और डायरेक्टर बनाने के एवज में ₹54,00,000 (50 लाख चेक और 4 लाख कैश) लिए गए।
- पैथोलॉजी में निवेश: डिवाइन पैथोलॉजी में 25% शेयर देने के नाम पर ₹18,65,000 का भुगतान चेक के जरिए लिया गया।
- इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस:
- पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चौतरफा कानूनी शिकंजा कसते हुए निम्नलिखित धाराओं को प्राथमिकी में जोड़ा है:
- धारा 316(2): आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust)
- धारा 318(4): धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित करना (Cheating)
- धारा 351(3): गंभीर रूप से आपराधिक धमकी देना (Criminal Intimidation)
- धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना
- धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुंचाना (मारपीट करना)
- धारा 126(2): गलत तरीके से रोकना (Wrongful Restraint)
- धारा 3(5): सामान्य मंशा (जब एक ही अपराध को कई लोगों ने मिलकर अंजाम दिया हो)
न एग्रीमेंट किया, न दिया बैंक खातों का हिसाब
आरोप है कि कुल 72.65 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि हड़पने के बाद आज तक आरोपियों ने न तो कोई एग्रीमेंट पेपर साइन किया, न ही पीड़िता को डायरेक्टर बनाया या शेयर ट्रांसफर किए। दोनों कंपनियों के बैंक खातों, टर्नओवर या कैश के लेन-देन का कोई भी हिसाब-किताब आज तक पीड़िता और उनके पति को नहीं दिया गया। ई-मेल और वकील के माध्यम से भेजे गए लीगल नोटिस का भी आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया।
टेबल पर बंदूक रख दी जान से मारने की धमकी, शेयर वैल्यू में भी हेरफेर
पीड़िता ने आवेदन में आरोप लगाया है कि जब उनके पति पैसे और हिसाब की बात करने अस्पताल जाते थे, तो बैठकों के दौरान आरोपी रंजन डिक्रूज अपनी बंदूक सामने टेबल पर रख देता था और पूछता था कि “जिंदा रहना है कि नहीं?” उसने दबाव डालकर एग्जिट (Exit) मेल भी भेजने को कहा। इसी बीच 15 मार्च 2023 को शेयरहोल्डर्स का एक पत्र मिलने पर पीड़िता को पता चला कि जिस 5% शेयर के लिए उनसे 54 लाख रुपये लिए गए थे, उसकी वैल्यू सिर्फ 10 लाख रुपये दिखाई गई थी। इस संबंध में जब आरोपी पीयूष कुमार से पूछताछ की गई, तो वह मारपीट पर उतारू हो गया और धक्का-मुक्की की।
डरा-सहमा है पीड़ित परिवार, पुलिस जांच में जुटी
आरोपियों की दबंगई और बंदूक के बल पर दी जा रही धमकियों के कारण पीड़ित परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है और भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा है। चुटिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धोखाधड़ी, गबन, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठा रही है।