Ranchi News: रांची के अपर मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 21 वर्षीय युवक के माता-पिता को 16.55 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अपर न्यायायुक्त सह पीठासीन पदाधिकारी मनोज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने बीमा कंपनी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दो महीने के भीतर मुआवजा राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करने का निर्देश दिया है। मामला मनीष कुमार रैदास की 26 सितंबर 2023 को हुई मौत से जुड़ा है। वह इटखोरी के पास स्कूटी से जा रहा था। इसी दौरान जेएच-12एन-0834 नंबर की मोटरसाइकिल से उसकी टक्कर हो गई। गंभीर रूप से घायल मनीष को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद मोटरसाइकिल चालक विक्की कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसकी बाद में मौत हो चुकी थी।
आय का दस्तावेज नहीं, फिर भी 10 हजार रुपये मासिक आय मानी
मृतक के पिता तारा रविदास और मां सुशीला देवी ने 30.94 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। अदालत ने मृतक की उम्र 21 वर्ष मानते हुए 18 का गुणक लगाया। आय का कोई दस्तावेज नहीं होने पर 15 हजार रुपये के दावे के बजाय 10 हजार रुपये मासिक अनुमानित आय मानी गई। इसमें 40 प्रतिशत भविष्य की संभावनाओं के लिए जोड़ा गया और 50 प्रतिशत व्यक्तिगत खर्च घटाया गया।
बीमा कंपनी पहले देगी राशि, बाद में मालिक से वसूलेगी
अदालत ने माना कि हादसा मोटरसाइकिल की लापरवाही से हुआ और वाहन बीमित था। हालांकि चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होने का कोई प्रमाण पेश नहीं किया गया। इसे बीमा शर्तों का उल्लंघन माना गया। इसलिए अदालत ने ‘पहले भुगतान, बाद में वसूली’ के सिद्धांत पर बीमा कंपनी को पहले 16.55 लाख रुपये देने और बाद में वाहन मालिक दिलीप कुमार चंद्रवंशी से राशि वसूलने का निर्देश दिया।