Ranchi/Dhanbad News: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में शनिवार को पूरे राज्य में आयोजित राज्य लोक अदालत में 24,99,985 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें 1,60,482 लंबित वाद और 23,39,503 प्री-लिटिगेशन मामले शामिल हैं। लोक अदालत के माध्यम से कुल 9,64,05,39,705 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ। राज्य लोक अदालत का उद्घाटन धनबाद के कोयला नगर स्थित अन्नपूर्णा भवन से झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने किया। उद्घाटन कार्यक्रम का पूरे राज्य में ऑनलाइन प्रसारण किया गया। इस दौरान राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तीकरण शिविर भी आयोजित हुआ।
युवा देश का भविष्य हैं; उन्हें नशीले पदार्थों से बचाना ज़रूरी है: जस्टिस एस.एन. प्रसाद
अपने संबोधन में न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल मामलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि लोगों को त्वरित, सुलभ और नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराना भी है। आपसी सहमति और समझौते से विवादों का समाधान होने पर पक्षकारों का समय और धन दोनों बचता है तथा समाज में सौहार्द कायम रहता है।
उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें नशे की चपेट में आने से रोकना होगा। नशे से केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा समाज प्रभावित होता है। लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना सभी का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने अनावश्यक विवादों से बचने की भी अपील की।
289 बेंचों ने किया मामलों का निपटारा
राज्य लोक अदालत के लिए झालसा की ओर से पूरे राज्य में करीब 289 बेंचों का गठन किया गया था। जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक व्यापक तैयारी की गई थी। विभिन्न विभागों और विधिक सेवा संस्थाओं के समन्वय से लोगों को विवादों के त्वरित समाधान के साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव भी ऑनलाइन जुड़े। धनबाद में आयोजित कार्यक्रम में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नकेश कुमार सिंह, उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अधिवक्ता, पारा-लीगल वॉलंटियर्स और लाभुक मौजूद थे।

