Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के दौरान आई तकनीकी त्रुटि को लेकर दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने सुनवाई के बाद मामले में शामिल सभी 20 याचिकाकर्ताओं के लिए पद सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को निर्धारित की गई है।
इस संबंध में विकास पांडेय एवं अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता अभिजीत इंद्रगुरु और अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि परीक्षा के दौरान ‘यूजर डज़ नॉट एग्जिस्ट’ (User does not exist) का संदेश आने के कारण अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस तकनीकी समस्या की वास्तविक वजह स्पष्ट करने और न्याय के लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि आयोग ने नियुक्ति के लिए अपनी अनुशंसा राज्य सरकार को भेज दी है, हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है।
आयोग ने अदालत को यह भी बताया कि तकनीकी गड़बड़ी की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए जिस आउटसोर्सिंग एजेंसी के कंप्यूटर विशेषज्ञ को अदालत ने तलब किया था, वह किसी अन्य नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामले में वर्तमान में न्यायिक हिरासत में बंद है। इसी कारण वह मंगलवार को अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो सका। वहीं, आयोग ने अपने जवाब में यह संभावना जताई कि अभ्यर्थियों द्वारा ई-मेल आईडी या पासवर्ड सही तरीके से दर्ज न किए जाने के कारण यह तकनीकी समस्या सामने आई होगी।

