कड़ा रुख: ढाई करोड़ के गांजे के साथ पकड़े गए थे दोनों आरोपी, सजा के बिंदु पर 25 जून को होगी सुनवाई
बड़ी बरामदगी: साल 2023 में ट्रक से जब्त हुआ था प्रतिबंधित मादक पदार्थ, ट्रायल के दौरान जुर्म हुआ साबित
- कल तय होगी सजा: अपर न्यायायुक्त ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने बुधवार को सुनाया फैसला, दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी कोर्ट।
- 2024 में तय हुए थे आरोप: अदालत ने 16 अप्रैल 2024 को आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर शुरू किया था मामले का ट्रायल।
Ranchi News: राजधानी रांची में भारी मात्रा में गांजे की अवैध तस्करी और परिवहन से जुड़े एक बड़े मामले में रांची सिविल कोर्ट ने बुधवार को अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अपर न्यायायुक्त (AJC) ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने मामले के दो मुख्य आरोपियों— गणेश चौधरी और आनंद कुमार को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों की सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के लिए 25 जून (गुरुवार) की तिथि निर्धारित की है, जिसके बाद सजा का एलान किया जाएगा।
ट्रक में छिपाकर ले जाया जा रहा था ढाई करोड़ का गांजा
अभियोजन पक्ष (प्रॉसीक्यूशन) के अनुसार, यह पूरा मामला वर्ष 2023 का है, जब पुलिस और मादक पदार्थ नियंत्रण दस्ते ने गुप्त सूचना के आधार पर एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी सघन तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान ट्रक से कुल 1184 किलोग्राम (करीब 12 क्विंटल) प्रतिबंधित गांजा बरामद किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए इस गांजे की अनुमानित कीमत लगभग ढाई करोड़ रुपये आंकी गई थी।
गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में हैं दोषी: इस मेगा रिकवरी के बाद पुलिस ने मौके से ही दोनों आरोपियों, गणेश चौधरी और आनंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की संवेदनशीलता और भारी मात्रा को देखते हुए अदालत ने शुरू से ही इन्हें जमानत नहीं दी, जिसके कारण दोनों आरोपी अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही लगातार न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
पुख्ता गवाहों और साक्ष्यों ने दिलाई सफलता
अदालत ने इस मामले में 16 अप्रैल 2024 को दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिवत आरोप (चार्ज) गठित कर ट्रायल की शुरुआत की थी। इसके बाद चले लंबे ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में कई महत्वपूर्ण और स्वतंत्र गवाहों को पेश किया गया। साथ ही, मौके से हुई जब्ती सूची (सीजर लिस्ट) और फॉरेंसिक रिपोर्ट जैसे वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी अदालत के रिकॉर्ड पर लाया गया।अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष इन दोनों के खिलाफ अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के आरोपों को बिना किसी संदेह के साबित करने में पूरी तरह सफल रहा है। अब 25 जून को कोर्ट तय करेगा कि इन्हें कितने साल की कठोर कैद और कितने जुर्माने की सजा दी जाएगी।