Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की पीठ में शुक्रवार को डेमोस्ट्रेटर के पद का लाभ देने के आदेश का पालन नहीं करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई पश्चात अदालत ने उच्च शिक्षा सचिव को अवमानना का नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा है कि आदेश का अनुपालन नहीं करने पर क्यों नहीं आपके खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जाए। अदालत ने उन्हें सशरीर हाजिर होने का आदेश देते हुए मामले में अगली सुनवाई नौ मई को निर्धारित की है। इस संबंध में अरुण कुमार अन्य की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रभात कुमार सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में कोर्ट ने वर्ष 1987 से कार्यरत स्नातक लैब सहायकों को डेमोस्ट्रेटर के समकक्ष मानते हुए उन्हें उस पद का लाभ दिया जाए।
उस दौरान सरकार ने भी माना था कि लैब सहायकों को डेमोस्ट्रेटर के पद का लाभ पाने के हकदार हैं। सरकार की ओर से समान काम करने वालों के बारे में पद का लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन सरकार ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। तब प्रार्थियों की ओर से हाई कोर्ट में अवमानना दाखिलकी थी। पिछली सुनवाई के दौरान उच्च सचिव कोर्ट में उपस्थित हुए और आदेश के अनुपालन करने की बात कही। लेकिन शुक्रवार को भी उनकी ओर से समय की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए उन्हें कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश देते हुए अवमानना नोटिस जारी किया है।