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एडीजी प्रिया दुबे के पति संतोष दुबे को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, रेलवे बोर्ड के समय से पूर्व रिटायरमेंट के आदेश को किया रद्द

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By CourtNews Desk On 06 Aug, 2024
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झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत से एडीजी प्रिया दुबे के पति धनबाद के तत्कालीन सीनियर कमांडेंट रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) संतोष कुमार दुबे को बड़ी राहत मिली है। समय से पूर्व रिटायरमेंट के आदेश को अदालत ने रद्द कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने रेलवे बोर्ड को तत्काल उनकी ज्वाइनिंग कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने रेलवे बोर्ड द्वारा उन्हें दिए गए समय से पूर्व रिटायरमेंट के आदेश को रद्द कर दिया है। मालू हो कि झारखंड हाईकोर्ट द्वारा विभाग की कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के बावजूद रेलवे बोर्ड नई दिल्ली द्वारा उन्हें समय से पूर्व रिटायर कर दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। संतोष कुमार दुबे वर्तमान में डीआईजी आरपीएफ के पद पर लखनऊ में पदस्थापित थे। दरअसल, संतोष कुमार दुबे जब आरपीएफ में चक्रधरपुर, धनबाद और रांची डिवीजन में पदस्थापित थे, तब सीबीआई ने उनके खिलाफ 10 जुलाई 2013 को पटना के दानापुर में 1.48 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने संतोष कुमार दुबे के आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जांच अवधि 1998 से 2013 तक रखी है।

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बता दें कि मामले में सीबीआई ने 28 जून 2022 को संतोष कुमार दुबे, उनकी पत्नी प्रिया दुबे व अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद 22 जुलाई 2022 को विशेष सीबीआई जज पटना ने मामले का संज्ञान लिया था। 31 जनवरी 2023 को आरपीएफ, नई दिल्ली ने संतोष कुमार दुबे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद संतोष कुमार ने विभागीय कार्रवाई को रद्द करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 5 सितंबर 2023 को झारखंड हाईकोर्ट ने विभागीय कार्रवाई को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 5 अक्टूबर 2023 को झारखंड हाईकोर्ट ने संतोष कुमार दुबे के खिलाफ आरपीएफ द्वारा की जा रही विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

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इसके बाद पांच दिसंबर 2023 को रेलवे बोर्ड नई दिल्ली ने विभागीय कार्रवाई पर रोक के बावजूद संतोष कुमार को 1802 (ए) भारतीय स्थिरीकरण संहिता के तहत समय से पूर्व सेवानिवृत्ति दे दी। मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सात नवंबर 2023 को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर कोर्ट ने संतोष कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर रोक जारी रखी। इसी बीच संतोष कुमार दुबे ने समय से पूर्व सेवानिवृत्ति को लेकर हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका (आइए) दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व में संतोष कुमार दुबे को समय से पूर्व सेवानिवृत्ति दिए जाने के आदेश पर रोक लगाई गई थी।

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