Civil Court News

सीबीआई अदालत ने खारिज की शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की जमानत

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 06 Aug, 2020
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Sheena Bora murder case
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

खबर को सुनें भी (उपर लिंक पर क्लिक करें)

मुंबई। मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने शीना बोरा हत्या मामले में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जमानत पर रिहाई होने के बाद आरोपी द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मेडिकल आधार पर कई बार जमानत हासिल करने में नाकामी के बाद मुखर्जी ने पिछले साल दिसंबर में एक अन्य याचिका दायर कर मामले के गुण-दोष के आधार पर जमानत मांगी थी।

सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश जे सी जगदले ने बुधवार को इन्द्राणी की यह याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मामले के कुछ महत्वपूर्ण गवाहों जैसे कि आरोपी पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी एवं उसके पूर्व पति की बेटी विधि तथा सह-आरोपी संजीव खन्ना से अभी जिरह नहीं की गई है। न्यायाधीश ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि आरोपी प्रभावशाली और अमीर शख्स है। अत: अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

See also  Court News: मेदांता अस्पताल और दो डॉक्टरों के खिलाफ समन जारी: सेवानिवृत्त IPS अधिकारी की इलाज में लापरवाही से मौत का मामला

जमानत के लिए दलील देते हुए इंद्राणी मुखर्जी ने अदालत को बताया कि अभियोजन पक्ष का मामला झूठा और निराधार है और इसे साबित करने के लिए उसके पास करीब 120 दस्तावेज हैं। उसने कहा कि इस बात का कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं जो साबित करे कि यह अपराध हुआ था। उसने साजिशकर्ता और अपनी बेटी शीना बोरा के हत्यारों में से एक के तौर पर अपनी भूमिका को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष के सबूतों में विसंगतियों का जिक्र किया।

मुखर्जी की ओर से जांच की विश्वसनीयता तथा वैधता पर भी संदेह जताया। इंद्राणी मुखर्जी ने दावा किया कि अभिनेता से गवाह बने श्यामवर राय समेत अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास हैं। उसने कहा कि उनके अपने ही बयानों या अन्य गवाहों के बयानों या अभियोजन पक्ष की कहानी से ही विरोधाभास हैं। बहरहाल न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि मुकदमे के बीच में अदालत यह घोषित नहीं कर सकती कि साक्ष्य पूरी तरह से विश्वसनीय या आंशिक तौर पर विश्वसनीय या पूरी तरह से अविश्वसनीय हैं।

See also  Army land scam: जालसाजी का सरगना दलाल अफसर अली से फर्जी होल्डिंग नंबर मामले में बरियातू पुलिस करेगी दो दिन पूछताछ, कोर्ट ने दी अनुमति

अदालत ने कहा कि मेरे विचार में आरोपी और संबंधित वकील को निचली अदालत के साथ सहयोग करना चाहिए। इंद्राणी मुखर्जी अभी मुंबई में भायखला महिला कारागार में बंद है। अदालत ने पिछले महीने उसकी एक और जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसमें जेल में कोरोना वायरस की चपेट में आने का खतरा जताया गया था। आरोप है कि इंद्राणी मुखर्जी, उसके ड्राइवर श्यामवर राय और संजीव खन्ना ने अप्रैल 2012 में शीना बोरा (24) की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और उसके शव को पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था। इंद्राणी मुखर्जी को अगस्त 2015 में गिरफ्तार किया गया था।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,370 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment