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IAS Pooja Singhal case: ईडी ने कोर्ट से कहा- बड़े अधिकरियों और सत्ता के लोगों की भूमिका संदिग्ध

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 18 May, 2022
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IAS Pooja Singhal case: खूंटी में वर्ष 2010 में हुए मनरेगा घोटाले की करोड़ों की राशि तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल को मिली थीं। यह राशि बड़े अधिकारियों और सत्ता शीर्ष में बैठे लोगों को भी पहुंचायी जाती थी। घोटाले की राशि से शेल कंपनियां चलाकर मनी लाउंड्रिंग की गयी है। प्रवर्तन निदेशालय( ईडी) ने यह जानकारी झारखंड हाईकोर्ट को दी।

सीएम के करीबियों के शेल कंपनी चलाने और सीएम को खनन लीज आवंटन करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी ने यह जानकारी दी। इस पर चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सरकार को मनरेगा घोटाले में दर्ज की गयी सभी 16 प्राथमिकी संपूर्ण ब्योरा के साथ पेश करने का निर्देश दिया।

ईडी की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान एक व्यक्ति ने मनी लांड्रिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही शेल कंपनियों की सूची भी दी है, जिस पर जांच जारी है। ईडी को जांच के दौरान कई दस्तावेज मिले हैं। ईडी की जांच अभी जारी है। खूंटी में हुए मनरेगा घोटाले की एक मामले की जांच की गयी थी। इस जांच में मनी लांड्रिंग के सबूत मिले हैं। इस आधार अभी भी कार्रवाई जारी है।

सरकार ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाए
सरकार की ओर से पक्ष रख रहे वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाया और कहा कि यह याचका राजनीति से प्रेरित है। इस पर सुनवाई नहीं की जानी चाहिए। याचिका में जो आरोप लगाए गए हैं उसका कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया है। इस पर अदालत ने कहा कि सरकार इस याचिका का विरोध क्यों कर रही है।

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यह मामला उजागर हो चुका है और हर किसी को पता है कि खनन सचिव के पास से कोरोड़ों रुपये बरामद हुए हैं। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि यह याचिका एक साल पहले दायर हुई थी। जबकि ईडी की कार्रवाई एक सप्ताह से जारी है। ईडी की कार्रवाई के बाद सरकार ने उचित निर्णय लिया है। याचिकाकर्ता का क्रेडेंशियल सही नहीं है। उनके परिजन दो दशकों से सीएम हेमंत सोरेन के राजनीतिक विरोधी रहे हैं। इस मामले में सरकार को टारगेट किया जा रहा है। इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है इसे खारिज किया जाना चाहिए।
खनन सचिव पर प्राथमिकी क्यों नहीं की गयी
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने पूछा कि इस मामले में खनन सचिव पकड़ी गई हैं और निलंबित हुई हैं तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। क्या कोर्ट ने इस तरह के एफआईआर करने पर कोई रोक लगाई है। सचिव इस मामले में संदिग्ध हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि जब इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है तो किस आधार पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है।

सीबीआई जांच का आदेश दे सकती है अदालत
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी के अधिवक्ता से पूछा कि जब मनरेगा घोटाले में आरोपी अधकारी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है, तो इसकी सीबीआई जांच के आदेश कैसे दिया जा सकता है। इस पर अधिवक्ता राजीव कुमार ने अदालत को बताया कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर अदालत जांच के आदेश दे सकती है। यह मामला मनरेगा घोटाले के आरोपी रह चुकी तत्कालीन डीसी पूजा सिंघल से जुड़ा है और शेल कंपनियों की बात सामने आ गयी है। ऐसे में अदालत सीबीआई जांच का आदेश दिया जा सकता है।

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खनन लीज मामले में नया शपथपत्र दाखिल करे सरकार
सीएम को माइनिंग लीज आवंटन के खिलाफ जांच के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को नया शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि शपथपत्र खान विभाग के किसी वरीय अधिकारी को दाखिल करना होगा। अदालत ने इस बात पर नाराजगी जतायी कि सरकार ने इस मामले में रांची के उपायुक्त को कैसे शपथपत्र दाखिल करने दिया। उपायुक्त ने शपथपत्र में कहा है कि उन्हें हर मामले की जानकारी है। उन्हें इस बात का जवाब देना होगा कि खनन विभाग के सभी मामलों की उन्हें जानकारी कैसे है। किस आधार पर उन्होंने शपथपत्र दाखिल किया है।

यह है पूरा मामला
शिवशंकर शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में दो जनहित याचिका दायर की है। एक याचिका में सीएम के करीबियों पर शेल कंपनी चलाकर दूसरे शहरों में अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया है कि करीब 400 शेल कंपनियां चलायी जा रही हैं जिसके नाम पर काली कमाई की जा रही है। अदालत से इसकी सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है। प्रार्थी ने सीएम हेमंत सोरेने द्वार खुद अपने नाम अनगड़ा में खनन लीज लेने की आरोप लगाते हुए कहा है यह नियमों का उल्लंघन है। इस कारण उनकी विधानसभा से सदस्यता रद्द कर देनी चाहिए। मामले की सीबीआई जांच भी होनी चाहिए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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