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Promotion: हाईकोर्ट ने कहा- सेवानिवृत्त हुए इंस्पेक्टर को सरकार दे प्रोन्नति

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 14 Jan, 2022
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Ranchi: Promotion झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस डा एसएन पाठक की अदालत में प्रोन्नति के एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिका दाखिल करने वाले जो इंस्पेक्टर सेवानिवृत्त हो गए हैं, उन्हें भी प्रोन्नति का लाभ दिया जाए। अदालत ने प्रार्थियों को चार सप्ताह में प्रोन्नति देने का निर्देश दिया है।

20 दिसंबर को बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि कोर्ट पहुंचे उन प्रार्थियों को भी प्रोन्नति दी जाए, जो सुनवाई लंबित रहने के दौरान सेवानिवृत्त हो गए हैं। इसको लेकर अशोक कुमार सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

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सुनवाई के दौरान प्रार्थियों के अधिवक्ता राजेंद्र कृष्णा ने अदालत को बताया था कि जून 2020 में इंस्पेक्टर से डीएसपी पद पर प्रोन्नति की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए गृह विभाग ने डीजीपी से सभी संबंधित इंस्पेक्टर की रिपोर्ट मांगी थी। 40 पदों पर होने वाली प्रोन्नति के लिए नवंबर 2020 में उक्त रिपोर्ट गृह विभाग को भेज दी गई।

इस बीच सरकार ने 24 दिसंबर 2020 को राज्य में होने वाली सभी प्रोन्नति पर रोक लगा दी। ऐसा करना गलत है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किसी की प्रोन्नति पर विचार किया जाना उसका मौलिक अधिकार है। जिससे उसे वंचित नहीं किया जा सकता है। कई ऐसे इंस्पेक्टर हैं, जो प्रोन्नति की प्रतीक्षा में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

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इस दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि पूर्व में कई लोगों को गलत प्रोन्नति दी गई है। सरकार प्रोन्नति में आरक्षण के लिए नीति बना रही है। महाधिवक्ता ने कहा कि हाल में जिन्हें प्रोन्नति दी जा रही है, उसके मामले में डीपीसी हो चुकी है, जबकि इस मामले में ऐसा नहीं है। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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