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मान्या पैलेस सिलिंग मामलाः हाईकोर्ट ने आरएमसी से पूछा- कैसे मिला उन्हें होल्डिंग नंबर

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 26 Aug, 2021
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Jharkhand High Court
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Ranchi: रांची के मान्या पैलेस सहित पांच अन्य बैंक्वेट हॉल को फिलहाल राहत जारी रहेगी। लेकिन इस दौरान उन्हें कोई व्यवसायिक कार्य नहीं करना होगा। इस मामले में सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत उनकी अंतरिम राहत को बरकरार रखा है। अदालत ने इस मामले में रांची नगर निगम से पूछा है कि उन्हें होल्डिंग नंबर कैसे मिला है।

सुनवाई के दौरान वादियों की ओर से कहा गया था कि उन्हें होल्डिंग नंबर मिला था, इसलिए वे बैंक्वेट हॉल चला रहा था। इसके बाद अदालत ने निगम से जवाब तलब किया है। दरअसल, मान्या पैलेस सहित पांच बैंक्वेट हाल को रांची नगर निगम की ओर से सील करने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। मामले में अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।

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इस दौरान वादियों की ओर से बैंक्वेट हाल में किसी प्रकार के व्यवसायिक कार्य नहीं करने की अंडर टेकिंग पर अदालत ने रांची नगर निगम की कार्रवाई स्थगित रखने का आदेश की अवधि बढ़ा दी है। मान्य पैलेस सहित अन्य की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि रांची नगर निगम की ओर से 22 जून 2021 को एक नोटिस जारी कर मान्या पैलेस सहित पांच बैंक्वेट हाल को सील करने की बात कही है।

लेकिन वादियों को नोटिस नहीं मिला है। निगम की ओर से बैंक्वेट हाल रूल-2013 की प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। निगम के अधिवक्ता प्रशांत कुमार सिंह ने अदालत को बताया था कि इस मामले में निगम की नोटिस अखबार में प्रकाशित की गई थी। इसके अलावा प्रार्थियों को बैंक्वेट हाल के लाइसेंस के लिए आनलाइन आवेदन में सुधार का पूरा मौका दिया गया था।

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लेकिन उन्होंने उसमें सुधार नहीं किया। बैंक्वेट हाल का लाइसेंस लेने के लिए नक्शा पास होना अनिवार्य है। लेकिन प्रार्थियों की ओर से आवेदन के साथ नक्शा नहीं दिया गया था। इसलिए निगम की ओर से बैंक्वेट हाल को सील करने की कार्रवाई की जा रही है। अदालत को बताया गया कि उन्हें नगर निगम की ओर से होल्डिंग नंबर मिला था। जिसके आधार पर बैंक्वेट हाल चल रहे थे। इस पर अदालत ने नगर निगम से जवाब मांगा है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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