Supreme Court News

जज उत्तम आनंद हत्याकांडः सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- दुर्भाग्य से देश में यह नया चलन, शिकायत पर IB, CBI भी मदद नहीं करती

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 06 Aug, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
judge Uttam Anand Murder Case
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

New Delhi: धनबाद के जज उत्तम हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि दुर्भाग्य से इस देश में यह एक नया चलन है। न्यायाधीश को शिकायत करने की कोई स्वतंत्रता नहीं है।

न्यायाधीश भले ही पुलिस या सीबीआई से शिकायत करते हैं लेकिन वे कोई जवाब नहीं देते हैं। आईबी, सीबीआई न्यायपालिका की बिल्कुल भी मदद नहीं कर रहे हैं। सीजेआई ने कहा कि मैं यह बयान जिम्मेदारी की भावना के साथ दे रहा हूं।

सुप्रीम कोर्ट यह भी कहा कि उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश निचली अदालत के न्यायाधीशों को उत्पीड़न और धमकियों के बारे में नियमित शिकायतें भेजते हैं, लेकिन इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीबीआई ने अस्वीकार्य स्थिति से निपटने के लिए अब तक बहुत काम किया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीशों को धमकी दिए जाने की घटनाओं का उल्लेख किया। इसके बाद शीर्ष अदालत ने राज्यों से कहा कि वे न्यायिक अधिकारियों को प्रदान की जाने वाली सुरक्षा पर स्थिति रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें। सुरक्षा के लिए विशेष बल बनाने को कहा।

See also  सृजन घोटालाः सीबीआई कोर्ट ने आठ आरोपियों के खिलाफ जारी किया गैर जमानतीय वारंट

इसे भी पढ़ेंः अमेजन की बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल के साथ रिलायंस की डील पर लगाई रोक

इसके बाद अदालत ने धनबाद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की कथित हत्या मामले में सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही मामले की सुनवाई सोमवार के लिए स्थगित कर दिया।

अदालत ने कहा झारखंड के महाधिवक्ता से कहा कि एक नौजवान न्यायिक पदाधिकारी मौत हो गई है, इसके राज्य सरकार ही जिम्मेदार है। पूछा कि जजों की कॉलोनी में कोई सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। धनबाद में कोयला माफिया बहुत सक्रिय हैं, ऐसे में न्यायिक पदाधिकारियों को सुरक्षा कौन देगा।

इसपर झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, जजों के आवासीय परिसर में चारों तरफ से बाउंड्री करा दी गई है। इस पर अदालत ने कहा कि गैंगस्टर के लिए सिर्फ बाउंड्री कोई मायने नहीं रखती है। उनके लिए विशेष सुरक्षा जवानों की नियुक्ति करनी होगी।

See also  सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ट्रायल कोर्ट से दोषी ठहराये जाने के बाद हाईकोर्ट न दें जमानत

इस मामले में पूर्व में शीर्ष अदालत ने झारखंड के मुख्य सचिव और डीजीपी से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है।

इसके अनुसार सरकार ने सीबीआई को जांच की अनुशंसा की है। चार अगस्त को सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई ने जांच के लिए बीस सदस्यीय टीम बनाई है, जिसमें फॉरेंसिंक एक्सपर्ट सहित अन्य जानकार शामिल हैं। टीम धनबाद पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

बता दें कि इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई को तुरंत मामले की जांच शुरू करने का निर्देस दिया था। इससे पहले राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एडीजी संजय आनंद लाटकर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment