Supreme Court News

जज हत्याः सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, मुख्य सचिव और डीजीपी से मांगी स्टेट्स रिपोर्ट

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 30 Jul, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
supreme court of india
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

New Delhi: धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने इस मामले में झारखंड के मुख्य सचिव और डीजीपी को एक सप्ताह में जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा झारखंड हाईकोर्ट इस मामले की जांच की निगरानी करता रहेगा।

इस मामले में चीफ जस्टिस एन वी रमना की पीठ में सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि वह देश भर में न्यायिक अधिकारियों और विधि समुदाय के लोगों पर हमलों पर संज्ञान ले रहा है। सभी राज्यों को नोटिस जारी किये गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि झारखंड के मुख्य सचिव और डीजीपी को एक हफ्ते में रिपोर्ट सौंपनी होगी। अदालत ने इस मामले में अगले हफ्ते राज्य के महाधिवक्ता को मौजूद रहने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि झारखंड हाई कोर्ट में चल रहे इस मामले में उसका कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा।

See also  India/Jharkhand News: रांची में 2nd ऑल इंडिया जजेज बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026 का भव्य आगाज

बता दें कि इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को सरकार के खिलाफ कई तल्ख टिप्पणी की थी। इसके बाद इसकी जांच एडीजी संजय आनंद लाटकर के नेतृत्व में गठित एसआईटी से कराने पर कोर्ट ने सहमित प्रदान की है।

इसे भी पढ़ेंः एफआरएल-रिलायंस सौदे के खिलाफ अमेजन की याचिका पर बहस पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

इससे पहले कोर्ट ने कहा था कि वह इस मामले की जांच सीबीआई से कराना चाहती है, लेकिन राज्य के डीजीपी नीरज सिन्हा के प्रोफेशनल तरीके से जांच का आश्वासन देने के बाद कोर्ट ने एसआईटी से इस मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है।

See also  जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने को लेकर अब स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने सुप्रीम कोर्ट दाखिल की याचिका

इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सह वरीय अधिवक्ता भी झारखंड हाईकोर्ट में वीसी के जरिए जुड़े और अदालत से कहा कि यह न्यायपालिका पर सीधा हमला है। इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन ने कहा था कि यह देश का पहला मामला है, जिसमें एक न्यायिक पदाधिकारी की हत्या की गई है। पहले नक्सलियों के जाने वाले राज्य में कभी भी न्यायिक पदाधिकारी पर हमला नहीं हुआ था। लेकिन यह न्यायपालिका पर सीधा हमला है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment