Ranchi: प्रतिबंधित नक्सली संगठन से संबंध और अवैध हथियार रखने के मामले में जेल में बंद योगेंद्र गंझू को राहत नहीं मिली। अपर न्यायायुक्त-18 सह सीआईडी/एटीएस के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत ने मंगलवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
आरोपी 14 जुलाई 2025 से न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ मैक्लुस्कीगंज थाना कांड संख्या 17/2025 में शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-बी)(ए), 26, 35 तथा सीएलए एक्ट की धारा 17 के तहत ट्रायल चल रहा है। मामले में 9 आरोपपत्रित गवाहों में से अब तक 4 की गवाही हो चुकी है।
अभियोजन के अनुसार, गुप्त सूचना पर 14 जुलाई 2025 को बंगला चट्टी नदी के पास छापेमारी में चार संदिग्धों को पकड़ा गया था। योगेंद्र गंझू के पास से एक देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जांच में आरोपियों के प्रतिबंधित नक्सली संगठन के लिए व्यवसायियों और ईंट-भट्ठा संचालकों से लेवी वसूली की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया।
अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य प्रतीत होता है। साथ ही, उसका पूर्व जमानत आवेदन भी 22 जनवरी 2026 को खारिज किया जा चुका है। अदालत ने कहा कि गंभीर आरोपों, हथियार बरामदगी और ट्रायल आगे बढ़ने की स्थिति को देखते हुए जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।