Ranchi/Dhanbad News: ऑनलाइन ठगी और जालसाजी के एक मामले में आरोपी कविता शुक्ला उर्फ डॉ. कविता शुक्ला को जांच में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर विशेष साइबर न्यायालय से राहत मिल गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय सह विशेष साइबर न्यायाधीश, धनबाद की अदालत ने अनुसंधान प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया। मामला धनबाद साइबर थाना 49/2024 से जुड़ा है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2), 318(4), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत दर्ज किया गया था। आरोप था कि फर्जी पेटीएम भुगतान का स्क्रीनशॉट भेजकर शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कविता शुक्ला को बीते 16 जून को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उन्होंने विशेष साइबर न्यायालय, धनबाद में समर्पण कर बंधपत्र दाखिल किया। उनकी ओर से अधिवक्ता राहुल कुमार अग्रवाल ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पार्ट-टाइम नौकरी दिलाने का झांसा देकर कविता शुक्ला के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और सत्यापन के नाम पर खाते का नियंत्रण अपने पास रख लिया। बाद में उसी खाते का कथित रूप से दुरुपयोग कर उन्हें इस मामले में फंसा दिया गया। अनुसंधान के दौरान पुलिस को उनके विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, जिसके आधार पर अदालत ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया।

