Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट ने धनबाद के चिरकुंडा थाना क्षेत्र के 35 साल पुराने मारपीट और घर में घुसकर हमला करने के मामले में चार दोषियों को राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि को बरकरार रखा, लेकिन सजा में संशोधन करते हुए दोषियों को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ देने का आदेश दिया। मामला वर्ष 1991 का है। अभियोजन के अनुसार, एक मार्च 1991 को होली के दौरान कुछ लोग बिना पैसे दिए दुकान से अबीर और रंग ले गए। पैसे मांगने पर विवाद हुआ और बाद में आरोपियों ने कथित तौर पर घर में घुसकर मारपीट की। इस संबंध में चिरकुंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सत्र न्यायालय ने कमता यादव, यदुनंदन यादव, बिंदा यादव और महेंद्र यादव को भादवि की धारा 148, 323 और 452 के तहत दोषी ठहराते हुए क्रमश: दो वर्ष, एक वर्ष और तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने कहा कि घटना वर्ष 1991 की है और तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है। साथ ही, ट्रायल केस डायरी, चोट प्रतिवेदन समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के अभाव में चला था। अदालत ने यह भी माना कि यह आरोपियों का पहला अपराध था और निचली अदालत ने प्रोबेशन का लाभ नहीं देने के लिए कोई विशेष कारण दर्ज नहीं किया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने जेल की सजा को समाप्त करते हुए सभी अपीलकर्ताओं को 4-4 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक जमानती के साथ एक वर्ष तक शांति एवं सदाचार बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।

