Civil Court News

Court News: टीएसपीसी के कथित सब-जोनल कमांडर बिराम राम की जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने कहा- गंभीर है आपराधिक इतिहास

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 23 Jun, 2026
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2026 05 04 at 5.30.27 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi News: रांची सिविल कोर्ट ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (TSPC) के सक्रिय सदस्य और कथित सब-जोनल कमांडर बिराम राम उर्फ अरविंद जी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अपर न्यायायुक्त अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने मामले की गंभीरता, हथियार बरामदगी और आरोपी के लंबे आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसे राहत देने से साफ इनकार कर दिया।

फर्जी सिम-राउटर से लेवी वसूलने और हथियार बरामदगी का आरोप

मामला बुढ़मू थाना कांड संख्या XX/2026 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, बीती 3 मई 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी बिराम राम को चंदवा क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया था कि वह क्षेत्र के व्यवसायियों, ठेकेदारों और ईंट-भट्ठा संचालकों को डरा-धमकाकर व्हाट्सएप कॉल के जरिए लेवी (रंगदारी) वसूलता था। इस काम के लिए वह फर्जी सिम कार्ड और इंटरनेट राउटर का इस्तेमाल करता था।

See also  Jharkhand News/Bar Council News: बार काउंसिल चुनाव में महिलाओं को 30% प्रतिनिधित्व अनिवार्य, हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी के अधीन होगी पूरी चुनाव प्रक्रिया

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर सघन छापेमारी की थी, जिसमें:

  • एक देसी 9 एमएम (9mm) पिस्तौल
  • सात जिंदा कारतूस
  • एक मोबाइल फोन और दो इंटरनेट राउटर बरामद किए गए थे।

बैलिस्टिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान बने आधार

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष केस डायरी और गवाहों के बयान पेश किए गए, जिसमें टीएसपीसी उग्रवादी के रूप में उसकी सक्रियता की पुष्टि हुई। इसके अलावा, जब्त किए गए पिस्तौल और कारतूसों की बैलिस्टिक विशेषज्ञ रिपोर्ट (FSL Report) भी कोर्ट में दाखिल की गई, जिसमें हथियारों को पूरी तरह से कार्यशील (वर्किंग कंडीशन) बताया गया है।

अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी बिराम राम के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लगातार नक्सली व उग्रवादी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। आरोपी 4 मई 2026 से न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद है। अदालत ने कहा कि ऐसे दुर्दांत अपराधियों को जमानत देने से समाज में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए याचिका को खारिज किया जाता है।

See also  Pornography Case: राज कुंद्रा को बड़ा झटका, बॉम्बे HC ने खारिज की रिहाई की मांग वाली याचिका

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment