रांची में सुधरे नशे के हालात तो अपराध दर में आएगी 70% की कमी: रिजवान अंसारी
NDPS एक्ट में तस्करी पर 20 साल तक की जेल और मृत्युदंड का भी है प्रावधान: राजेश सिन्हा
Ranchi News: झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना एवं प्रधान जिला जज-सह-अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में शुक्रवार को राजधानी के फिरायालाल पब्लिक स्कूल में ‘डॉन अभियान’ के तहत नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव राकेश रौशन की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नशे के चंगुल से बचाना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना था।

ड्रग पेडलर्स के लालच में न आएं युवा: अतुल गेरा
कार्यक्रम में ‘लाइफ सेवर्स’ एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा ने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि नशा हमारे देश को अंदर से खोखला कर रहा है। ड्रग पेडलर्स अक्सर स्कूल-कॉलेज के छात्रों को अपना निशाना बनाते हैं और उन्हें इस अवैध धंधे में धकेल देते हैं। छात्रों को ऐसे किसी भी लालच से सचेत रहने की जरूरत है। नशा अंततः इंसान को अपराध की ओर ले जाता है।
बार-बार अपराध करने पर मिल सकती है फांसी
डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने छात्र-छात्राओं को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की कड़े कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अफीम या पोस्ता के अवैध उत्पादन, तस्करी या इसे पास में रखने पर मात्रा के आधार पर 20 साल तक की कठोर कैद और 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यदि कोई इस अपराध को बार-बार दोहराता है, तो कानून में मृत्युदंड (फांसी) तक की सजा मुकर्रर है। उन्होंने पीड़ितों की मदद के लिए नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 की भी जानकारी दी।
रिनपास और सीआईपी में मिलेगी कानूनी व चिकित्सीय मदद डालसा सचिव ने बताया कि राँची के सीआईपी (CIP) और रिनपास (RINPAS) में डालसा के लीगल एड क्लिनिक संचालित हैं। यहाँ नशा मुक्ति केंद्र में पीएलवी (पैरा लीगल वालंटियर्स) हर वक्त सहायता के लिए उपलब्ध रहते हैं, जहाँ आदी हो चुके व्यक्तियों का मुफ्त इलाज और काउंसलिंग कराई जाती है।
16 साल की उम्र से ही लग रही है लत, ‘मानस’ हेल्पलाइन पर दें सूचना
- एनसीबी के संजय ओहदार ने बताया कि झारखंड में मादक पदार्थों की रीढ़ तोड़ने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लगातार काम कर रहा है। गृह मंत्रालय ने जनता की मदद के लिए ‘मानस’ हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर: 1933) जारी किया है, जिसपर नशे के कारोबार की गुप्त सूचना दी जा सकती है।
- सीआईडी के रिजवान अंसारी ने चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में बच्चों की नशे की यात्रा 16 वर्ष या उससे कम उम्र में ही शुरू हो जा रही है, जिससे पुनर्वास केंद्र (रिहैब सेंटर) छोटे पड़ने लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि रांची में नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया जाए, तो शहर के अपराध ग्राफ में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आ जाएगी।
ये रहे उपस्थित: जागरूकता कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच सूचनात्मक पम्पलेट और लीफलेट बांटे गए। इस मौके पर स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विधि छात्र यशफीन फातीमा, पूनम, दीपिका, साक्षी, संजना रानी मिंज सहित पीएलवी दीपेंद्र कुमार व बंधु उरांव मुख्य रूप से उपस्थित थे।

