Ranchi News: रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने रिश्वतखोरी के 20 साल पुराने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने गुमला जिले के सिसई ब्लॉक के तत्कालीन पंचायत सेवक, 80 वर्षीय सत्यनारायण राम को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर कुल ₹15,000 का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न भरने पर उन्हें अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
₹500 की रिश्वत का मामला
यह मामला वर्ष 2006 का है, जब सिसई निवासी मोहम्मद नसीम खान ने इंदिरा आवास योजना के तहत मकान निर्माण की सत्यापन रिपोर्ट भेजने के एवज में आरोपी द्वारा ₹500 की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद 7 अप्रैल 2006 को आरोपी के आवास पर जाल (Trap) बिछाया गया।
रंगे हाथों गिरफ्तारी
विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सत्यनारायण राम को पीड़ित से ₹500 के केमिकल युक्त नोट लेते हुए उनके बरामदे से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों और पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किया, जिसके बाद अदालत ने यह सजा सुनाई।

