Ranchi/New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल कार्यालय के अधिकारियों पर दर्ज प्राथमिकी मामले में सीबीआई जांच जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी। शुक्रवार को जस्टिस एमएम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन. कोटीश्वर सिंह की पीठ ने सुनवाई के बाद सरकार की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने 11 मार्च को मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने इसे असाधारण परिस्थिति मानते हुए कहा था कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी की आवश्यकता है।
मामला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े लगभग 23 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी संतोष कुमार से पूछताछ के दौरान कथित मारपीट से जुड़ा है। ईडी के अनुसार, संतोष कुमार 12 जनवरी को बिना समन के खुद कार्यालय पहुंचा था और पूछताछ के दौरान अचानक उग्र होकर खुद को चोट पहुंचा बैठा। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद रांची पुलिस जांच के लिए ED कार्यालय पहुंची, जिसका ED ने विरोध करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया यह जल्दबाजी में की गई कार्रवाई प्रतीत होती है और संभवतः उच्च स्तर के निर्देश पर हुई है। अदालत ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और सभी दस्तावेज CBI को सौंपने का निर्देश भी दिया था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब इस पूरे मामले की जांच CBI ही करेगी, जिससे मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता की उम्मीद बढ़ गई है।

