New Delhi/Ranchi: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण गवाहों की जांच चार सप्ताह में पूरी करने का निर्देश दिया। सुनवाई में बचाव पक्ष ने दलील दी कि आलमगीर आलम 76 वर्ष के हैं और करीब दो साल से जेल में हैं। साथ ही मामले में सुनवाई की गति धीमी है और अभियोजन स्वीकृति भी लंबित है।
इसके बावजूद अदालत ने जमानत देने से इनकार करते हुए ट्रायल को तेज करने पर जोर दिया। बताया गया कि प्रवर्तन निदेशालय ने आलमगीर आलम को 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था, जबकि संजीव लाल और जहांगीर आलम की गिरफ्तारी 7 मई 2024 को हुई थी। ईडी की छापेमारी में जहांगीर आलम के ठिकाने से 12.20 करोड़ रुपये नकद और संजीव लाल के घर से 10.05 लाख रुपये व एक डायरी बरामद हुई थी। जांच के दौरान संजीव लाल की 4.42 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है।

