Ranchi News: 1630 किलोग्राम डोडा (पोस्ता) की बड़ी खेप बरामदगी के मामले में ट्रायल फेस कर रहे पांच आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। यह फैसला अपर न्यायायुक्त कुलदीप की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। अदालत ने UP बरेली निवासी फाजिल खान और मो. तसलीम, रांची के मो. अली, खूंटी की सानिका मुंडा तथा जेल में बंद बिरसा मुंडा को दोषमुक्त कर दिया। चार आरोपियों की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह महाराणा ने बहस की, जबकि बिरसा मुंडा का पक्ष अधिवक्ता सौरभ पांडे ने रखा। बचाव पक्ष के अनुसार, दशमफॉल थाना पुलिस ने 25 मई 2021 को एक ट्रक से 1630.67 किलोग्राम अवैध डोडा जब्त किया था और मौके से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाई गई थी।
इस संबंध में दशमफॉल थाना कांड संख्या 13/2021 दर्ज किया गया था। आरोप था कि ट्रक के जरिए डोडा की अवैध ढुलाई की जा रही थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों को पेश किया, लेकिन बचाव पक्ष ने गंभीर प्रक्रियात्मक कमी की ओर अदालत का ध्यान दिलाया। जिस डीएसपी के निर्देश पर कार्रवाई हुई, उन्हें जांच अधिकारी द्वारा गवाह नहीं बनाया गया, जिससे अभियोजन की कड़ी कमजोर पड़ी। बहस के दौरान सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला भी दिया गया। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अभियोजन द्वारा आरोप सिद्ध न किए जाने की स्थिति में सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।

