Civil Court News

Jharkhand News/CM: ईडी समन अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया सरेंडर, मिली जमानत, एक घंटे पहले पहुंचे कोर्ट

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 06 Dec, 2025
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
image 24
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi News: ईडी के समन की अवहेलना से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को तय समय से एक घंटा पहले सिविल कोर्ट रांची के एमपी/एमएलए के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत में पेश हुए। उनके साथ अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा और महाधिवक्ता राजीव रंजन मौजूद थे। अदालत में सरेंडर करते हुए हेमंत सोरेन ने जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने सात-सात हजार रुपए के दो निजी मुचलकों पर जमानत प्रदान कर दी। चूंकि मामला जमानतीय धारा का था, इसलिए अदालत ने उन्हें राहत देते हुए आगे की निर्धारित तिथियों में व्यक्तिगत उपस्थिति से भी छूट दे दी। झारखंड हाईकोर्ट ने छह दिसंबर को दोपहर दो बजे संबंधित अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। उसी आदेश के अनुपालन में हेमंत सोरेन पेश हुए, हालांकि सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं की ओर से डेढ़ बजे शोकसभा कार्यक्रम तय होने के कारण अनुमति लेकर वह दोपहर एक बजे ही अदालत पहुंच गए। अदालत में करीब पांच मिनट की औपचारिक कार्यवाही के बाद वह निकल गए।

See also  रांचीः बल्ब ऑफ करने के विवाद में पिता और भाभी की कर दी थी हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा

इससे पूर्व सिविल कोर्ट परिसर समेत 40 कोर्ट बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। विशेष एमपी/एमएलए अदालत चौथे तल्ले पर स्थित है, इसलिए 40 कोर्ट बिल्डिंग के सभी तल्लों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। भीड़ नियंत्रण और वीआईपी मूवमेंट के लिए पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम लगाई गई थी। गौरतलब है कि ईडी द्वारा जारी समन का पालन नहीं करने पर एजेंसी ने हेमंत सोरेन के खिलाफ निचली अदालत में शिकायतवाद दर्ज कराया था। प्रारंभिक सुनवाई सीजेएम कोर्ट में होने के बाद मामला आगे की कार्रवाई के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट भेजा गया, जहां नियमित सुनवाई जारी है और पहले से ही उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया चल रही थी।

बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री की पहल की सराहना

जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा निर्धारित समय से एक घंटा पहले कोर्ट पहुंचने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण शनिवार को डेढ़ बजे शोकसभा आयोजित की गई थी, जिसके बाद बार एसोसिएशन के सदस्य न्यायिक कार्य से दूर रहते हैं और आमतौर पर अदालत नहीं जाते। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे निर्धारित समय पर आते, तो उन्हें प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था, क्योंकि वकील की अनुपस्थिति में अदालत में नियमित कार्यवाही संभव नहीं होती। इस स्थिति की जानकारी मिलने पर हेमंत सोरेन ने समय से पहले हाजिर होने की इच्छा जताई। संजय विद्रोही ने इसे अधिवक्ताओं के सम्मान को बनाए रखने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल अदालत की प्रक्रिया का सम्मान किया, बल्कि बार एसोसिएशन की भावनाओं और परंपराओं का भी ख्याल रखा, जिससे सकारात्मक संदेश गया है।

See also  State Bar Council elections News: 100 उम्मीदवारों की किस्मत बैलेट बॉक्स में बंद, करीब 75% अधिवक्ताओं ने डाले वोट

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment