
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने बुधवार को रिश्वत मामले के आरोपी लोहरदगा जिले में ग्रामीण विकास विभाग के विशेष प्रमंडल के कैशियर वरुण कुमार की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई पश्चात अदालत ने उसे जमानत की सुविधा प्रदान की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह महाराणा ने पक्ष रखा था। सुनवाई के दौरान कहा कि वह बिल्कुल निर्दोष है, उसे फंसाया गया है। बताया कि वह रिश्वत लेने के आरोप में 40 दिन से जेल में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 26 जून को वरुण कुमार को आंगनबाड़ी जीर्णोद्धार के लिए एक ग्रामीण से चार हजार रुपए रिश्वत लेते हुए दबोचा था। तब से वह जेल में है। एसीबी कोर्ट ने पिछले माह उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की थी।
क्या है मामलाः
जानकारी के मुताबिक, सदर थाना क्षेत्र के जुरिया गांव निवासी अजीज अंसारी के पुत्र सफेजुल अंसारी ने एसीबी रांची को एक शिकायत पत्र सौंपा था। प्रस्तुत परिवाद पत्र में कहा गया कि लोहरदगा प्रखंड के अरकोसा नवाटोली में आंगनबाड़ी केंद्र भवन का जीर्णोद्धार एवं दीवार पेंटिंग का कार्य कराया गया था। जिसमें सफेजुल ठेकेदार है। कार्य पूर्ण करने के बाद सफेजुल को प्रथम विपत्र के रूप में 58721 रुपए का भुगतान प्राप्त हुआ। जबकि इस योजना की कुल राशि 362321.93 रुपए है। जब सफेजुल से शेष राशि का भुगतान करने को कहा गया तो ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल लोहरदगा में पदस्थापित लेखा लिपिक वरुण कुमार ने चार हजार रुपए की मांग की। सफेजुल ने इसकी शिकायत एसीबी रांची से की थी।