Ranchi News: बरियातू में सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन से जुड़े घोटाला मामले के आरोपी मो. अफसर अली को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। इसके साथ ही उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने मो. अफसर अली की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इस जमीन घोटाले को लेकर रांची के बरियातू थाना में चार जून 2022 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार जमीन की खरीद-बिक्री के लिए फर्जी आधार कार्ड, बिजली बिल और पोजेशन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर एक ही जमीन पर दो-दो होल्डिंग ली गई थी।
रांची नगर निगम के टैक्स कलेक्टर दिलीप शर्मा की लिखित शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि प्रदीप बागची ने एक ही जमीन पर दो अलग-अलग होल्डिंग प्राप्त करने के लिए फर्जी आधार कार्ड, बिजली बिल और कब्जा संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन का फर्जी रैयत बनकर प्रदीप बागची ने उसे जगत बंधु टी एस्टेट कंपनी के दिलीप घोष को करीब सात करोड़ रुपये में बेच दिया था। इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन की खरीद-बिक्री कराने में कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की भी बात सामने आई है।