Ranchi/Delhi : सुप्रीम कोर्ट से टेंडर आवंटन के बाद कमीशन की राशि का मनी लांड्रिंग करने के मामले में आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को राहत नहीं मिली है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस नागू की अदालत ने आलमगीर आलम की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है। इसलिए याचिका खारिज की जा रही है।
झारखंड हाई कोर्ट ने छह मई को आलमगीर आलम की डिस्चार्ज खारिज होने के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी थी। इसी आदेश के खिलाफ आलमगीर आलम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
की थी।
बता दें कि हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की ओर से कहा गया था कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। उनके यहां से पैसे भी बरामद नहीं हुए थे। ऐसे में उन्हें राहत मिलनी चाहिए।
ईडी की ओर से अदालत को बताया था कि पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को भी टेंडर आवंटन के बाद कमीशन का पैसा मिलता था। उनके पीएस संजीव लाल के यहां से मिली डायरी में यह लिखा गया था कि मंत्री को भी कमीशन का पैसा दिया जाता है। ऐसे में उन्हें राहत नहीं दी जा सकती है। इसके बाद हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

