Ranchi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) ने कोलकाता के प्रेसिडेंसी सुधार गृह में बंद नक्सली आरोपी सब्यसाची गोस्वामी उर्फ अजय उर्फ पंकज उर्फ किशोर उर्फ विकास उर्फ बीकेएस उर्फ विकास दा के हस्तलेख/हस्ताक्षर का नमूना कोर्ट के आदेश पर ले लिया है। एनआईए ने पिछले दिनों रांची स्थित एनआईए कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनुमति मांगी थी। सुनवाई पश्चात अदालत ने 13 अगस्त तक हस्ताक्षर के नमूने वहां जाकर लेने की अनुमति प्रदान की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान एनआईए ने कहा कि सब्यसाची गोस्वामी एक आरोपपत्रित अभियुक्त हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में दर्ज यूएपीए, आईपीसी और शस्त्र अधिनियम के गंभीर मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच के दौरान सीएफएसएल, कोलकाता द्वारा आरोपी के और हस्तलेख नमूने मांगे गए थे ताकि वे विवादित दस्तावेजों से मिलान कर सकें। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए एनआईए की याचिका स्वीकार की थी। अदालत ने निर्धारित समय सीमा में कभी भी तीन दिनों में आरोपी के 8-10 शीटों पर मध्यम/तेज गति से लिखे हस्तलेख/हस्ताक्षर के नमूने लेने की अनुमति दी। इसके अलावा, एनआईए टीम को प्रेसिडेंसी सुधार गृह परिसर में लैपटॉप, मोबाइल फोन और आवश्यक उपकरण ले जाने की भी इजाजत दी गई थी, ताकि तकनीकी सहायता से हस्तलेख नमूने सुरक्षित तरीके से लिए जा सकें। एनआईए नक्सली गतिविधियों समेत अन्य आरोपों की जांच कर रही है। इस मामले में एनआईए साल 2022 में प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है। यह याचिका एनआईए के डीएसपी की ओर से दाखिल की गई थी।

