Ranchi: सूबे के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का एवं अन्य से जुड़े सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन खरीदने के 15 साल पुराने मामले में 29 अगस्त को दोपहर बाद फैसला आ रहा है। मामले में रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, गोवर्धन बैठा, परशुराम केरकेट्टा समेत 11 आरोपी ट्रायल फेस कर रहा है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने जारी बहस पूरी होने के बाद फैसले की तारीख 29 अगस्त निर्धारित की। उस दिन मामले में ट्रायल फेस कर रहे 11 आरोपियों को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जी पते का इस्तेमाल करने का आरोप है। इसकी मदद तत्कालीन एलआरडीसी ने की थी। प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन की खरीदारी की थी।
मेनन एक्का के नाम से जमीन:
एनोस एक्का ने मेनन एक्का के नाम से हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़ से अधिक, रांची के नेवरी में 4 एकड़ से अधिक, चुटिया के सिरम मौजा स्टेशन रोड में 9 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। सभी जमीन की खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी।

