Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसरों, व्याख्याता के साथ शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने का भी निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने इस मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को प्रतिवादी बनाते हुए 27 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में अनिकेत ओहदार ने याचिका दायर की है। प्रार्थी ने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की संविदा पर नियुक्ति किए जाने विरोध किया है और स्थायी नियुक्ति करने का आग्रह अदालत से किया है। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था।
कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने एक नोटिफिकेशन निकाला था। जिसके बाद विश्वविद्यालयो में शिक्षक एवं कर्मचारी की नियुक्ति संविदा पर ली जाने लगी है। कोर्ट ने जेपीएससी से जाना चाहा की राज्य के विश्वविद्यालयों में बीते वर्षों में लेक्चरर के पद के लिए कितनी परीक्षाएं ली गयीं। जेपीएससी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रांची यूनिवर्सिटी की ओर से कुछ पदों पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2023 में अधियाचना मांगी गई है। जेपीएससी जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगा।
Ranchi/H Court: हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसरों, व्याख्याता के साथ शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने का दिया निर्देश

