Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की आमसभा की बैठक बुधवार को प्रातः 10:15 बजे एस्केलेटर के पास आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया। बैठक में मौजूदा न्यायिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई और सर्वसम्मति से दो प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए। पहला प्रस्ताव 10 जुलाई 2025 को अधिवक्ताओं द्वारा कोर्ट संख्या-1 से एक दिन की पूर्ण अनुपस्थिति का है। दूसरा प्रस्ताव 11 जुलाई से सभी अधिवक्ताओं द्वारा सफेद रिबन पहनकर शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक विरोध जताने का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन बार और बेंच दोनों की गरिमा को बनाए रखते हुए रचनात्मक बातचीत के माध्यम से इन मुद्दों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में अध्यक्ष रितु कुमार, महासचिव नवीन कुमारत कोषाध्यक्ष प्राण प्रणय समेत काफी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।
यह निर्णय हाल ही में मुख्य न्यायाधीश द्वारा पीठों के अनुचित गठन में संशोधन से इनकार किए जाने के विरोध में लिया गया है। एडवोकेट एसोसिएशन के अनुसार इससे सिविल व आपराधिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है और लंबित मामलों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने आज दोपहर मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर रोस्टर परिवर्तन की मांग की थी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके पश्चात संघ ने यह सामूहिक निर्णय लिया। संघ ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे अनुशासन व गरिमा के साथ शांतिपूर्ण विरोध में भाग लें और कानूनी पेशे की मर्यादा बनाए रखें।
आम सभा की बैठक में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा :
वर्तमान स्थिति का आकलन और कानूनी व्यवस्था पर इसका प्रभाव बिरादरी और वादी
माननीय मुख्य न्यायाधीश के साथ विफल वार्ता की समीक्षा
भविष्य की रणनीति और कार्यवाही का निर्माण
न्याय का उचित प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार
कोई अन्य मामला जिसे सामान्य निकाय उचित समझे

