Ranchi: रांची के जिला स्कूल (सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस) के छात्रावास की बदहाल स्थिति पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकार को फटकार लगायी। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने कहा कि सरकार इस मामले में कोर्ट के आदेश को हल्के में ले रही है। सरकार गंभीरता दिखाए और आदेश का पालन करे। कोर्ट ने सरकार को 26 नवंबर को छात्रावास की बदहाली को दूर कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान मामले के न्याय मित्र ने कोर्ट को छात्रावास की बदहाली की तस्वीर कोर्ट में पेश की। अदालत को बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद भी छात्रावास को दुरूस्त करने काम शुरू नहीं किया गया है। छात्रावास के सामने गंदगी का अंबार है। सरकार शपथपत्र दाखिल कर मरम्मत काम शुरू कर दिए जाने के बात कह अदालत को गुमराह कर रही है, जबकि किसी प्रकार का काम शुरू नहीं किया गया है।
पिछली सुनवाई में सरकार की ओर से कहा गया था कि छात्रावास की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। 50 लाख रुपये से मरम्मत करायी जाएगी। इसके लिए टेंडर भी निकाल दिया गया है। तीन माह में मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जिला स्कूल के छात्रावास की खराब हालत की मीडिया रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की इमारत और छात्रावास की हालत अत्यंत जर्जर है। भवन में नमी और गंदगी के कारण दीवारें बदरंग हो चुकी हैं, कई कमरों की छतें क्षतिग्रस्त हैं और जगह-जगह प्लास्टर झड़ रहे हैं। छात्रावास में रह रहे करीब 100 बच्चे रोजाना जान के खतरे के बीच पढ़ाई और निवास के लिए विवश हैं।