Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट में सहायक आचार्य शिक्षक (कक्षा 6 से 8) की नियुक्ति को लेकर नार्मलाइजेशन फार्मूला के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर बुधवार को जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को निर्देश दिया कि वह 151 सीटों को सुरक्षित रखे। साथ ही अदालत ने आयोग से मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
इस संबंध में शशि रंजन भारती समेत 151 अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि जेएसएससी द्वारा जारी विज्ञापन के तहत परीक्षा आयोजित हुई थी, और आंसर की के अनुसार कई अभ्यर्थियों के अंक कट-ऑफ से अधिक थे, फिर भी उन्हें डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के लिए नहीं बुलाया गया। जब अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई, तो आयोग ने बताया कि परीक्षा में नार्मलाइजेशन फार्मूला लागू किया गया है।
प्रार्थियों का तर्क है कि विज्ञापन में कहा गया था कि मेरिट लिस्ट बनाते समय नार्मलाइजेशन लागू होगा, न कि वेरिफिकेशन के लिए बुलाए जाने से पहले। याचिकाकर्ता सभी पारा शिक्षक हैं, जिनके लिए कुल 2734 सीटें आरक्षित थीं। लेकिन नार्मलाइजेशन लागू होने के बाद मात्र 276 अभ्यर्थी ही चयनित हो पाए, जिससे 2200 से अधिक सीटें रिक्त रह गईं। यह भी बताया गया कि केवल 1000 पारा शिक्षकों ने आवेदन किया था। ऐसे में जब तक मामला अदालत में लंबित है, सीटें सुरक्षित रखी जाएं। इन दलीलों पर विचार करते हुए अदालत ने आयोग को 151 सीटें सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।

