Ranchi: सीएनटी एक्ट का उल्लंघन के 15 साल पुराने मामले में दोषी करार सूबे के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का( समेत नौ अभियुक्तों को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने शनिवार को चार से सात साल तक की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्तों पर 2.60 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया है। अदालत ने एनोस एक्का और मेनन एक्का को सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर क्रमशः 2.10 लाख एवं 2.60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त 14 माह एवं 17 माह जेल काटनी होगी। वहीं दोषी तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, मनी लाल महतो व ब्रजेश्वर महतो को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई गई। जबकी अनिल कुमार, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर एवं ब्रजेश मिश्रा को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इन अभियुक्तों पर 2.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। नहीं देने पर अतिरिक्त 14 माह जेल काटनी होगी। अदालत ने नौ अभियुक्तों को उक्त आरोप में शुक्रवार को दोषी करार दिया था। शनिवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान जेल में बंद नौ अभियुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जज के सामने पेश किया गया और एक-एक करके सजा सुनाई गई।मामले में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक दविंद्र पाल सूद ने कोर्ट से दोषियों को अधिकतम सजा की मांग की। कहा कि मंत्री बनने के तत्काल बाद करोड़ों रुपए की जमीन कहां से खरीदी। ठोस साक्ष्य है। अधिकतम सजा सुनाई जाए।
सीबीआई ने 2010 में दर्ज की थी प्राथमिकी:
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को एनोस एक्का समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई ने जांच पूरी करते हुए दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की थी। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया था। मामले में एनोस एक्का समेत अन्य पर 5 नवंबर 2019 को आरोप तय किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने सबूत प्रस्तुत किया था।

