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Ranchi/CBI: उषा मार्टिन खनन घोटाले में आरोपी तत्कालीन खनन निदेशक आईडी पासवान ने किया सरेंडर, मिली सशर्त जमानत

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By CourtNews Desk On 19 Dec, 2024
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Ranchi: उषा मार्टिन को अवैध तरीके से आवंटित खदान मामले में चार्जशीटेड आरोपी राज्य के तत्कालीन खनन निदेश इंद्र देव पासवान ने गुरुवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में सरेंडर कर दिया है। आरोपी ने सरेंडर के साथ जमानत याचिका भी दाखिल की। जिस पर सुनवाई पश्चात अदालत सशर्त जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विद्युत चौरसिया ने जमानत याचिका पर बहस की थी। अदालत ने उन्हें 50-50 हजार रुपए के दो निजी मुचलके और पासपोर्ट जमा करने की शर्त पर जमानत की सुविधा प्रदान की है। उन पर साल 2005 में उषा मार्टिन को माइंस आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप है। भ्रष्टाचार मामले को लेकर सीबीआई ने सितंबर 2016 में मेसर्स उषा मार्टिन लिमिटेड, कंपनी के निदेशक, इंद्र देव पासवान, तत्कालीन खान सचिव अरुण सिंह समेत अन्य पर जांच पूरी करते हुए जनवरी 2023 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसी मामले में हाल में ही सीबीआई कोर्ट ने संज्ञान लिया है।

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2005 में हुआ था घोटाला, 2016 में दर्ज की गई थी प्राथमिकी

दरअसल, उषा मार्टिन कंपनी को 2005 में पश्चिमी सिंहभूम जिले के घाटकुरी में एक लौह अयस्क खदान आवंटित की गयी थी। इसमें कथित रूप से भ्रष्टाचार हुआ था। आईएएस अरुण कुमार सिंह उस वक्त खनन विभाग के सचिव थे और इंद्रदेव पासवान खनन निदेशक थे। सीबीआई की दिल्ली इकाई ने कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सितंबर 2016 में प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में उषा मार्टिन के प्रमोटरों और खनन विभाग के अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। प्राथमिकी में कहा गया था कि खदान के आवंटन के लिए केंद्र सरकार को जो सिफारिश भेजी गयी थी, उसमें राज्य सरकार की तरफ से अधिकारियों ने कथित रूप से उषा मार्टिन के पक्ष में पक्षपात किया था। कंपनी ने कथित तौर पर वादा किया था कि वह हाट गम्हरिया में स्थित अपने इस्पात संयंत्र में लौह अयस्क का उपयोग करेगी। कंपनी ने राज्य सरकार को एक अंडरटैकिंग भी दिया था। सीबीआई ने आरोप लगाया कि कंपनी बाद में यह कहते हुए इस बात से मुकर गयी कि कैबिनेट नोट में इसका कोई विशेष जिक्र नहीं था।

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