Ranchi: जिला विधिक सेवा प्राधिकार(डालसा), रांची की ओर से Saturday को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश तिरलोक सिंह चौहान एवं माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची सुजीत नारायण प्रसाद ने ऑनलाइन माध्यम से किया। कार्यक्रम में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपी अग्रवाल, महासचिव संजय कुमार विद्रोही, एलएडीसीएस के सदस्य बीरेंद्र प्रताप समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारी, काफी संख्या में अधिवक्ता, पीएलवी समेत अन्य लोग मौजूद थे।
इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय, रांची के डालसा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने झारखंड पीड़ित मुआवजा (संशोधन) योजना-2019 के तहत 12 पीड़ितों को 27,15,000 रुपये की राशि का चेक प्रदान किया। वहीं, वाहन दुर्घटनाओं से प्रभावित 82 पीड़ितों के बीच 8.70 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का वितरण किया गया। न्यायायुक्त ने कहा कि “लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां निःशुल्क वादों का निस्तारण संभव है। यहां न्याय की प्रक्रिया सरल और त्वरित होती है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोग भी न्याय से वंचित नहीं रहते।” राष्ट्रीय लोक अदालत के इस आयोजन से हजारों वादकारियों को राहत मिली। यह आयोजन न केवल लंबित मामलों को तेजी से निपटाने का माध्यम साबित हुआ बल्कि न्याय तक आमजन की सहज पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

राष्ट्रीय लोक अदालत के सुचारू संचालन हेतु 34 न्यायिक तथा 19 कार्यपालक बेंच का गठन किया गया था। इसके पूर्व न्यायिक दंडाधिकारियों, बीमा कंपनियों, बैंकों, पुलिस और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठकें की गईं ताकि अधिक से अधिक वादों का निस्तारण किया जा सके। इस दिशा में वादकारियों को नोटिस भी भेजे गए और उन्हें अदालत तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया गया। 13 सितंबर को आयोजित लोक अदालत में कुल 40,836 लंबित एवं 2,08,097 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में पक्षकारों के बीच समझौते के जरिए कुल 2,96,58,41,924 रुपये का सेटलमेंट हुआ, जो अब तक की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इसी दिन दीपाटोली स्थित केरकेट्टा ऑडीटोरियम में नालसा वीर परिवार सहायता योजना-2025 का वर्चुअल उद्घाटन भी संपन्न हुआ। इस मौके पर माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री त्रिलोक सिंह चौहान, माननीय न्यायमूर्ति श्री सुजित नारायण प्रसाद, माननीय न्यायमूर्ति श्री संजय कुमार द्विवेदी एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में कुल 2,14,51,714 रुपये की राशि वीर परिवारों एवं अन्य पीड़ितों के बीच वितरित की गई।

