Allahabad High Court

Prayagraj News: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रचा इतिहास: 1 लाख फैसलों का हिंदी अनुवाद पूरा, वेबसाइट पर मुफ्त में पढ़ें

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 10 Oct, 2026
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Prayagraj News: Allahabad High Court makes history by completing Hindi translations of 1 lakh judgments; read them for free on the website
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Prayagraj News: न्याय को आम जनता की अपनी भाषा में सुलभ कराने के संकल्प की दिशा में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इतिहास रच दिया है। इस हाई कोर्ट के एक लाख न्यायिक फैसलों का हिंदी में अनुवाद पूरा हो चुका है। ये सभी अनुवादित निर्णय हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर आम जनता और वकील समुदाय के लिए बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने एक लाखवां हिंदी अनुवादित फैसला खुद अपने हाथों से वेबसाइट पर अपलोड किया।

विशेष स्मारिका का हुआ विमोचन

इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश ने शून्य से एक लाख अनुवादित फैसलों तक की पूरी यात्रा को संजोने वाले विशेष स्मारिका-संकलन ‘द वर्नाकुलर वॉयस ऑफ जस्टिस’ का विमोचन भी किया। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए वहां मौजूद अन्य न्यायाधीशों ने भी अपने एक-एक फैसले का हिंदी अनुवाद वेबसाइट पर अपलोड किया।

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इस कार्यक्रम में प्रशासनिक समिति के सदस्य न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा मौजूद रहे। साथ ही अनुवाद सलाहकार समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजित कुमार, न्यायमूर्ति समीर जैन और न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान भी उपस्थित रहे।

पूर्व CJI डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ की थी सोच

अंत में न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने सभी का धन्यवाद दिया। न्यायिक फैसलों को स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराने का यह सपना उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ ने देखा था। उनकी इस सोच को आगे बढ़ाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में 16 अगस्त 2023 को सुवास प्रकोष्ठ की स्थापना की गई थी। इसके बाद 23 अगस्त 2023 को पहला अनुवादित निर्णय वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।

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तीन साल से कम समय में तय किया सफर

इसके बाद 12 दिसंबर 2025 को 50 हजारवां फैसला अपलोड किया गया था और अब एक लाखवां फैसला अपलोड करके यह नया रिकॉर्ड बनाया गया है। केवल तीन साल से कम समय में इतने बड़े पैमाने पर फैसलों का हिंदी अनुवाद होना भारतीय न्याय प्रणाली के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब कोई भी आम नागरिक कोर्ट के जटिल कानूनी फैसलों को अपनी सरल हिंदी भाषा में आसानी से समझ सकता है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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