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Niyojan Niti News: नियोजन नीति पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार, हाईस्कूल के शिक्षकों को राहत

इसी मामले में हस्तक्षेप याचिक दाखिल कर पंचायत सचिव (Panchayat Sachiv) की अभ्यर्थी सुष्मिता कुमारी की ओर से सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई।

दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में झारखंड की नियोजन नीति पर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया।

झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने नियोजन नीति के तहत झारखंड के 13 अधिसूचित जिलों में हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति को रद करने का आदेश दिया है। इसके खिलाफ सत्यजीत कुमार व अन्य की ओर से याचिका दाखिल की गई है।

इसी मामले में हस्तक्षेप याचिक दाखिल कर पंचायत सचिव (Panchayat Sachiv) की अभ्यर्थी सुष्मिता कुमारी की ओर से सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई।

इसे भी पढ़ेंः हाईकोर्ट से विधायक नवीन जायसवाल को राहत, सरकारी आवास खाली करने पर फिलहाल रोक

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि अगर इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाती है, तो 11 गैर अधिसूचित जिलो में होने वाली कई नियुक्तियों में समस्या उत्पन्न हो जाएगी।

इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। इसके अलावा अदालत ने नोटिस जारी कर झारखंड सरकार, जेएसएससी और सोनी कुमारी से जवाब मांगा है।

इसके बाद अदालत ने इस मामले में अंतिम सुनवाई के लिए फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में तिथि निर्धारित की है। अदालत ने पूर्व में हाईस्कूल शिक्षकों को हटाने से राहत को बरकरार रखा।

जाने नियोजन नीति के बारे में

झारखंड सरकार ने जुलाई 2016 में राज्य में नियोजन नीति लागू किया था। इसके तहत 13 जिलों में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के सभी पद वहां के स्थानीय लोगों के आरक्षित कर दिया गया था।

इसको लेकर जेएसएससी ने नियुक्ति निकाली। इसमें नियोजन नीति की शर्तों को भी दिया गया। इसी के तहत हाई स्कूल शिक्षक, पंचायत सचिव सहित अन्य की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

इसी बीच सोनी कुमारी ने नियोजन नीति को अंसवैधानिक बताते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। तीन जजों की पीठ ने सुनवाई के बाद नियोजन नीति को असंवैधानिक घोषित कर दिया और 13 जिलों की नियुक्त रद कर दी।

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